Android phone chori ho jane pe kare ye kam

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Agar apka phone hang ho jaye to Fitindia apke liye kuch jaruri tips layi hai

यू्जर्स के लिए कुछ टिप्स अक्सर देखा जाता हैं कि फ़ोन लेने के थोड़े ही महीनो बाद आपका फ़ोन हैंग हो जाता हैं या स्लो हो जाता है.

कहने का मतलब यह है कि जब आप फोन पर एक एप्लीकेशन से दूसरे एप्लीकेशन  पर जाना चाहते हैं या कोई काम कर होम स्‍क्रीन पर लौटना चाहते हैं तो यह पहले के मुकाबले थोड़ा अधिक समय लेता है. और तो और संभव है कि कई बार आपका फोन हैंग भी हो जाता हो.

इन्‍टर्नल मेमोरी स्पेस

आपके फोन की इन्टर्नल मेमोरी में जितना स्पेस होगा, आपका फोन उतना ही अच्‍छा काम करेगा संभव है कि आपके फोन के बहुत सारे फोटोज, म्यूजिक या एप्लीकेशन हों, जिसके कारण आपका फोन स्‍लो काम कर रहा है.

अगर आप चाहे तो अपने फोटोज , म्यूजिक और डेटा को फोन से हटाकर ड्रॉपबॉक्स  या गूगल ड्राइव क्लाउड या मेमोरी कार्ड  स्‍टोरेज सर्विस पर स्‍टोर कर सकते हैं. इसके साथ ही वैसे एप्लीकेशन  जिनका इस्‍तेमाल आप नहीं या कम करते हैं उन्‍हें  अनइंस्टाल कर इन्टर्नल मेमोरी को खाली कर सकते हैं.

जरूरी एप्लीकेशन

अगर आपके लिए सारे एप्लीकेशन जरूरी हैं और आप उन्‍हें अनइंस्टाल नहीं करना चाहते तो आप एप्लीकेशन को एक्‍सटर्नल मेमोरी में भी सेव कर सकते हैं.

ऐसा करके भी फोन के इन्‍टर्नल मेमोरी को खाली किया जा सकता है.

स्‍मार्टफोन widgets

बहुत से लोग यह तर्क दे सकते हैं कि widgets स्‍मार्टफोन पर काम को आसान बनाते हैं, कि widgets स्‍मार्टफोन पर काम को आसान बनाते हैं, क्‍योंकि इसके लिए एप्लीकेशन को खोलने की बजाय होमस्‍क्रीन पर उसके widgets को खोलकर ही काम बन जाता है.

यह सही भी है, लेकिन वे यह नहीं बताते कि widgets खासकर फेसबुक  जैसे widgets आपके फोन को स्‍लो बनाने के साथ ही फोन के बैटरी बैकअप को भी प्रभावित करते हैं.

इसलिए बेहतर होगा अगर आप widgets का इस्‍तेमाल कम ही करें. गैरजरूरी widgets को हटाने के लिए होमस्‍क्रीन पर उसे 3-5 सेकेंड तक प्रेस करें और फिर फोन स्‍क्रीन के ऊपरी भाग में remove सेक्‍शन तक ड्रैग करें.

फोन का अपडेशन है जरूरी

हम में से बहुत से लोग यह मानते हैं कि एक बार फोन खरीद लिया, बस अब कोई अपडेट करने की जरूरत नहीं है.

लेकिन कई बार यह आपके लिए जरूरी है, क्‍योंकि समय-समय पर फोन या एप्लीकेशन के लिए कंपनी समय-समय पर अपडेट्स भेजती है जो पुरानी समस्‍याओं का हल होता है.समय के साथ साथ अपना फ़ोन अपडेट करते रहे,ताकि आपका फ़ोन स्पीड़ से चले और फ़ोन हैंग ना हो.

तो अब पूरा मज़ा लें अपने एंड्रायड स्मार्टफोन का

android phon me वायरस के नुकसान

india’s best voiceआप खुद को तो हर किसी की बुरी नज़र से बचाने के लिए ना जाने क्या-क्या टोटके करते है, कभी काला टिका लगा लिया तो कभी लाल मिर्च से फुंकवा लिया। क्या हो अगर आपके जान से भी प्यारे और महंगे एंड्रॉयड फोन को किसी की नज़र लग जाए? यूं तो आप फोन की सुरक्षा के लिए स्क्रीन गार्ड और कवर लगाते हैं। फोन के अंदर की सुरक्षा के लिए पासवर्ड और एंटीवायर डालते हैं फिर भी कुछ दुश्मन हैं जो आपके फोन में अपना घर कर ही जाते हैं। इन दुश्मनों को हम वायरस के नाम से जानते हैं।

जिस तरह आपके फोन के लिए एप्स दोस्त हैं उसी तरह वायरस फोन के दुश्मन ही तो हैं। एप को दोस्तों की तरह आप खुद अपने फोन में लाते हैं लेकिन वायरस चोरों की तरह छुपकर आ जाते हैं। बहुत कम लोग ही इन वायरस के नाम को जानते हैं। आज आपको fittindiacom बताएगी आपके फोन में छुपने वाले 7 खतरनाक शैतानों के नाम:-

1. स्टेजफ्राइट : साल 2015 में इस वायरस ने सभी मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच खौफ पैदा कर दिया था। आपको बता दें यह वायरस 100 करोड़ मोबाइल को हैक कर सकता है।  यह वायरस एसएमएस (SMS) के माध्मय से आपके फोन में आता है। इसमें एक वीडियो भेजा जाता है और जब तक आप उसे देखते हैं आपके फोन की जानकारी हैक हो चुकी होती है। ‘स्टेजफ्राइट’ नाम के इस वायरस का काम फोन से डाटा चोरी करने का है।

2. डेनड्रायड : अब बात करते हैं दूसरे खतरनाक वायरस डेनड्रॉयड की। आप इसे डेंजर ड्रायड भी कह सकते हैं। ट्रोजन फैमिली का यह वायरस पूरी तरह से आपके फोन को कंट्रोल कर लेता है। फोन में आने के बाद यह खुद ही सारे कमांड को बदल देता है। एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद हैकर्स इसे रिमोटली कंट्रोल कर सकते हैं। यह आपके फोन के कॉल लॉग डिलीट कर सकता है, वेबपेज खोल सकता है और किसी भी नंबर को डायल कर सकता है। खुद ही इमेज और वीडियो को किसी साइट पर अपलोड कर सकता है।

3. बेसब्रिज : एंड्रॉयड फोन का यह वायरस आपके फोन में जासूस की तरह बैठ जाता है। फोन में उपलब्ध संवेदनशील डाटा को चुरा कर दूसरे सर्वर पर भेजता है। इतना ही नहीं यह वायरस आपके फोन बिल को भी बढ़ाने का कार्य करता है। यह चोरी छिपे प्रीमियम दर के मैसेज को आपके फोन से भेजता रहता है। यह इतना ताकतवर है कि ऑपरेटर द्वारा सेट डाटा कंजम्शन मॉनिटर को भी ब्लॉक कर देता है जिससे कोई इस पर नजर न रख सके। ध्यान रहे, बेसब्रिज वायरस मुख्य रूप से थर्ड पार्टी एप स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड करने के दौरान आता है।

4. बैटरी डी-ए : यह वायरस एप्लिकेशन के माध्यम से एप स्टोर पर उपलब्ध है। इसे बैटरी डॉक्टर भी कहा जाता है। सोपहोस एंटीवायर द्वारा बताया गया है कि यह वायरस बैटरी सेव करने का दावा करता है लेकिन एचटीसीपस पर आपकी जानकारियों का चुराता है और फोन में ढेर सारे एडवर्ड भेजता है।

5. जीफेक: बेसब्रिज की तरह यह वायरस भी आपके फोन से प्रीमियम रेट पर मैसेज भेजने का का कार्य करता है। यह वायरस फोन में थर्डपार्टी एप के माध्मय से आता है। ट्रेंड माइक्रो का दावा है कि ट्रोजन फैमिली का यह वायरस आपके फोन में एक एसएमएस से इंबेड हो जाता है और डाटा चोरी करने का कार्य करता है।

6. कोलेर : यह वायरस न सिर्फ आपके फोन का डाटा चोरी करता है बल्कि आपको बदनाम भी कर देता है। जी हां, आपके फोन पर फेक अडल्ट थीम भेज कर यह वायरस आपको फंसा लेता है। यह वायरस ट्रोजन फैमिली का है। एडल्ट थीम के साथ ही आपके फोन का डाटा भी सुरक्षित नहीं है। यह आपके फोन में दूसरे साइट को रिडायरेक्ट कर देता है। अर्थात आप एप खोलेंगे तो खुद ही कोई वेबसाइट खुल जाएगा। एक बार यह इंस्टॉल हो जाता है तो फिर आपको नुकसान पहुंचाकर ही छोड़ता है। इसे आसानी से आप अनइंस्टॉल भी नहीं कर सकते।

7. बॉक्सर : एंड्रॉयड का यह वायरस भी आपके फोन का बड़ा दुश्मन है। यह वायरस भी विशेष तौर से चोरी छिपे प्रीमियम रेट पर मैसेज भेजने के लिए जाना जाता है। एंड्रॉयड फोन में यह वायरस फ्लैश की तरह छुपकर बैठा होता है

एंड्राइड फ़ोन में बिना app के फाइल एवं फोल्डर कैसे छुपाये

दिन में एक टाइम भले लोग खाना नहीं खाते, लेकिन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना नहीं भूलते। आज स्मार्टफोन में आपकी कई निजी जानकारियां होती हैं जिसे आप हर किसी के साथ शेयर करना नहीं चाहते। एसे में उसे छुपाकर रखना ही बेहतर होता है। कई एप हैं लेकिन उनमें हर बार पासवर्ड और पिन की जरूरत होती है। आइये Fittindiacom के ज़रिए आपको बताते हैं कि बिना किसी अतिरिक्त एप के अपने महत्तवपूर्ण फाइल-फोल्डर को कैसे छुपा सकते हैं।

  • स्टेप 1 : अपने एंड्रॉयड फोन के मेन्यू (Menu) में जाकर फाइल मैनेजर को ओपेन करें।
  • स्टेप 2: यहां आप एसडी कार्ड या इंटरनल स्टोरेज में जहां फाइल को हाइड करना चाहते हैं एक फोल्डर बनाएं।
  • स्टेप 3: फोल्डर बनाने का ऑप्शन उपर दाईं ओर सेटिंग में मिलेगा जो तीन डॉट के माध्यम से शो होता है।
  • स्टेप 4: न्यू फोल्डर पर क्लिक करते ही फोल्डर का नाम देने का ऑप्शन आएगा वहां आप नाम से पहले डॉट ‘.’ का उपयोग करें और ओके (OK) कर दें।
  • स्टेप 5: फोल्डर बनते ही यह फाइल हाइड हो जाएगी।
  • स्टेप 6: इसके बाद फाइल मैनेजर में फिर से सेटिंग में जाएं जहां हाइड सिस्टम फाइल्स ऑप्शन को डिसलेक्ट करें। अब फाइल मैनेजर में यह फोल्डर दिखाई देने लेगेगा।
  • स्टेप 7: इस फोल्डर अपनी निजी फाइलों को सेव करें।
  • स्टेप 8: अब हाइड करने के लिए आपको फिर से सेटिंग में जाकर हाइड सिस्टम फाइल को सलेक्ट करना होगा। अब जब आप सर्च में जाकर उस फाइल का नाम सर्च करेंगे तो वह आपको नहीं दिखेगी।

ध्यान रहें: जब आपको इन हाइड की गई फाइल्स का उपयोग करना हो तो फाइल मैनेजर की सेटिंग में जाकर हाइड फाइल को डिसलेक्ट कर दिजीए।

हालांकि आप चाहें तो अपने निजी डाटा और फाइल्स को हाइड करने के लिए आप थर्ड पार्टी एप्लिकेशन का भी उपयोग कर सकते हैं। जिसमें एप लॉक, वाउल्ट, एप लॉक एंड हाइड और परफेक्ट एपलॉक जैसे और भी कई एप्लिकेशन शामिल हैं।

android phone chori ho jane par kare ye kam

बहुत दुख होता है जब आपका हर समय का साथी आपका मोबाइल फोन आपसे कोई चुरा ले जाए साथ ही एक डर रहता है कि कोई आपके मोबाइल फोन का गलत उपयोग ना कर ले। अपने मोबाइल फोन का बचाव इंसान हमेशा सजग रह कर ही कर सकता है, लेकिन एंड्रॉयड फोन चोरी हो जाने पर आपको क्या करना चाहिए :-

1. ट्रैक माई फोन : अगर आपका एंड्रॉयड फोन खो गया है तो सबसे पहले इस फीचर का उपयोग करे। एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ट्रैक माई फोन फीचर होता है जो चोरी हुए फोन की स्थिति जिसे आप लोकेशन भी कहते हैं बता देता है। यानि कि आपका फोन कहां है यह जानकारी ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए जरूरी है फोन में आपने एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर को ऑन कर रखा हो। आपको बता दें कि यह एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ईमेल आईडी इंटीग्रेट होने के साथ बाई डिफाल्ट ऑन हो जाता है। यह विकल्प एंड्रॉयड फोन की सेटिंग में मिलेगा। इसके लिए फॉलो करे यह स्टेप्स:-

स्टेप 1- सेटिंग में जाएं, स्टेप 2- सिक्योरिटी का चुनाव करें, स्टेप 3- डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर में जाएं, स्टेप 4- एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर को ऑन कर दें।

फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में आप ट्रैक माई फोन फीचर का उपयोग वेब या किसी दूसरे मोबइल से कर सकते हैं। 

2. डाटा करें नष्ट : यदि आपको लगता है कि आप अपने फोन को फिलहाल प्राप्त नहीं कर सकते या फिर किसी दूसरे के हाथ लग गया है तो यहीं से अपने एंड्रॉयड फोन के सभी डाटा को डीलिट कर दें, या यूं कहे मिटा दें। एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर में ही यह सर्विस भी उपलब्ध है। यह फीचर फोन डाटा को रिमोटली नष्ट कर देगा।

3. दें चेतावनी : एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर में आप फोन उपयोकर्ता को चेतावनी भी दे सकते हैं। खोने या चोरी होने की स्थिति में उपयोगकर्ता को आप फोन वापस करने का मैसेज और अपना वैकल्पिक नंबर भी दे सकते हैं जिससे वह आपसे कॉन्टैक्ट कर सके।

4. सिक्योर योर अकाउंट : आपके एंडरॉयड स्मार्टफोन में जीमेल आईडी के अलावा सोशल नेटवर्किंग एप सहित कई अन्य निजी ईमेल अकाउंट होते हैं। ऐसे में फोन चोरी होने या खोने की स्थिति में आपको उन्हें भी लॉगआउट करना चाहिए। आप किसी दूसरे डिवाइस से लॉगिन कर लॉगआउट कर सकते हैं। वहीं जीमेल का पासवर्ड भी तुरंत बदल दें। जीमेल और फेसबुक सहित अन्य कई अन्य सेवाओं में वेब के माध्यम से आईडी पर लॉगिन कर साइन आउट ऑल अदर सेशन का विकल्प होता है।

5. सिम कार्ड ब्लॉक : इस तरह डिवाइस मैनेजर और सिक्योर यार अकाउंट के बाद अब कस्टमर केयर में कॉल कर अपना नंबर बंद करा सकते हैं।

6. अनलिंक अकाउंट : एंड्रॉयड फोन में ईमेल आईडी के साथ ही कई अन्य काम के एप भी लिंक होते हैं जैसे ड्रॉप बॉक्स और गूगल ड्राइव इत्यादि। फोन चोरी और खोने की स्थिति में आप इन अकाउंट पर वेब से लॉगिन कर अनलिंग करें। अनलिंक का ऑप्शन प्रोफाइल में सेटिंग में सिक्योरिटी में होता है।

एंड्रॉइड फोन को सुरक्षित रखें।

क्या आप भी एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हैं? आज की इस टेक वर्ल्ड की रेस में हर दूसरा इंसान एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल कर रहा है। फैक्ट यह है कि बहुत कम लोग ही एंड्रॉयड फोन का सही ढंग से यूज करना जानते हैं। fitindia आज आपको बताएगी वह 5 खास टिप्स जिससे आप अपना एंड्रॉयड फोन को सुरक्षित रख सकते हैं।

1. पासवर्ड या पिन लॉक का करें प्रयोग: फोन में अकसर हम काफी पर्सनल मैसेज या कॉन्टैक्ट को सेव कर के रखते हैं। ऐसे में आप अपने स्मार्ट फोन में साधारण लॉक का प्रयोग करने से बचें। वहीं, जब आपका फोन गुम हो जाए, तब साधारण लॉक आसानी से कोई भी पता कर सकता है। यही नहीं किसी भी व्यक्ति द्वारा आपका डाटा आसानी से प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन पासवर्ड लॉक या पिन लॉक से आपका फोन सुरक्षित रह सकता है।

2. फोन का बैकअप हमेशा रखें: अपने एंड्रॉयड फोन का बैकअप हमेशा रखें क्योंकि कभी अगर आपको पने स्मार्ट फोन के फारमेट करना पड़े तो आपको अपना डाटा मिल जाएगा। आप चाहे तो ऑनलाइन भी अपने फोन का बैकअप ले सकते हैं, जिससे डाटा किसी भी फोन में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

3. गूगल प्ले से ही नए एप्लीकेशन डाउनलोड करें: एंड्रॉयड फोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस प्लेटफॉर्म के लिए दुनिया भर में सबसे ज्यादा एप्लीकेशन मौजूद है और उनमें से लाखों फ्री में ही मिल जाते हैं। लोग जल्दी में गड़बड़ी कुछ ऐसे कर जाते हैं कि कहीं से भी एप्लीकेशन डाउनलोड कर लेते हैं जिससे स्मार्टफोन में वायरस अपना अड्डा जमा लेते हैं।

4. ब्लूटूथ का काम हो तभी ऑन करें: देखा गया है कि लोग हर समय अपने फोन में ब्लूटूथ ऑन कर के रखे रहते हैं। क्या आप जानते हैं कि ब्लूटूथ ऑन रहने पर आपके फोन को हैक किया जाना ज्यादा आसान है, इसलिए जरूरत पड़ने पर ही अपने फोन का ब्लूटूथ ऑन करें और काम ना होने पर ऑफ ही रखें।

5. फोन में दिए गए रिमोट कंट्रोल फंक्शन का प्रयोग करें: किसी भी स्थिति में फोन खो जाने पर रिमोट कंट्रोल फंक्शन द्वारा आप अपने फोन को आसानी से खोज सकते हैं। यह आपके फोन का जीपीएस (GPS) का प्रयोग करके उसकी लोकेशन बताने में मदद करता है, साथ ही आप अपने डाटा को भी सुरक्षित रख सकते हैं।