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हमारा दिमाग 26,21,440 GB से ज्यादा डाटा स्टोर कर सकता हैं

एक इंसानी दिमाग में इतनी स्टोरेज क्षमता (मेमोरी पॉवर) होती हैं कि 2.5 petabytes डाटा स्टोर कर सकता हैं|1 petabyte में 1024 Terabytes और एक terabyte में 1024 GB होते है|

 

 

 

 

यानी अगर हम इतनी बड़ी फिल्म बनाते है, तो वह 26,21,440 GB की फिल्म होगी|जिसे हम अगर देखने बेठे तो हमें वो पूरी मूवी देखने में 300 साल से भी ज्यादा का समय लग जाएगा|

 

यह भी केवल एक अनुमान हैं | कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार तो इंसानी दिमाग इससे भी ज्यादा पावरफुल होता हैं|

 

एक दिन में हमारे दिमाग़ में 70,000 विचार आते हैं और इनमें से 70% विचार Negative (उल्टे) होते हैं

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Interested fact’s in Hindi(50 रोचक जानकारिया शायद आपको पता नहीं होगा)

अद्भुत जानकारिया।

1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है…

2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती है

3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती…

4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता….

5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता…
6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं…
7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है…
8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते…

9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है…
10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं…11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो

12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है…..
13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं…

14. खुश रहने वालों की बजाए परेशान रहने वाले लोग ज्यादा पैसे खर्च करते हैं…
15. माँ अपने बच्चे के भार का तकरीबन सही अदांजा लगा सकती है जबकि बाप उसकी लम्बाई का…
16. पढना और सपने लेना हमारे दिमाग के अलग-अलग भागों की क्रिया है इसी लिए हम सपने में पढ नही पाते…
17. अगर एक चींटी का आकार एक आदमी के बराबर हो तो वो कार से दुगुनी तेजी से दौडेगी…
18. आप सोचना बंद नही कर सकते…..

19. चींटीयाँ कभी नही सोती…
20. हाथी ही एक एसा जानवर है जो कूद नही सकता…
21. जीभ हमारे शरीर की सबसे मजबूत मासपेशी है…
22. नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर अपना बायां पाँव पहलेरखा था उस समय उसका दिल 1 मिनट में 156 बार धडक रहा था…
23. पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के कारण पर्वतों का 15,000मीटर से ऊँचा होना संभव नही है…
23. शहद हजारों सालों तक खराब नही होता..
24. समुंद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है…
25. कुछ कीडे भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते है….
26. छींकते वक्त दिल की धडकन 1 मिली सेकेंड के लिए रूक जाती है…
27. लगातार 11 दिन से अधिक जागना असंभव है…

28. हमारे शरीर में इतना लोहा होता है कि उससे 1 इंच लंबी कील बनाई जा सकती है…..
29. बिल गेट्स 1 सेकेंड में करीब 12,000 रूपए कमाते हैं…
30. आप को कभी भी ये याद नही रहेगा कि आपका सपना कहां से शुरू हुआ था…
31. हर सेकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है…
32. कंगारू उल्टा नही चल सकते…
33. इंटरनेट पर 80% ट्रैफिक सर्च इंजन से आती है…
34. एक गिलहरी की उमर,, 9 साल होती है…
35. हमारे हर रोज 200 बाल झडते हैं…
36. हमारा बांया पांव हमारे दांये पांव से बडा होता हैं…
37. गिलहरी का एक दांत  हमेशा बढता रहता है….
38. दुनिया के 100 सबसे अमीर आदमी एक साल में इतना कमा लेते हैं जिससे दुनिया
की गरीबी 4 बार खत्म की जा सकती है

39. एक शुतुरमुर्ग की आँखे उसके दिमाग से बडी होती है…
40. चमगादड गुफा से निकलकर हमेशा बांई तरफ मुडती है…
41. ऊँट के दूध की दही नही बन सकता…

42. एक काॅकरोच सिर कटने के बाद भी कई दिन तक जिवित रह सकता है…
43. कोका कोला का असली रंग हरा था…
44. लाइटर का अविष्कार माचिस से पहले हुआ था…

45. रूपए कागज से नहीं बल्कि कपास से बनते है…
46. स्त्रियों की कमीज के बटन बाईं तरफ जबकि पुरूषों की कमीजके बटन दाईं तरफ होते हैं…
47. मनुष्य के दिमाग में 80% पानी होता है.
48. मनुष्य का खून 21 दिन तक स्टोर किया जा सकता है…
49. फिंगर प्रिंट की तरह मनुष्य की जीभ के निशान भी अलग-अलग होते हैं…

भारत में ऐसा कही देखा जहा न पैसा चलता है न सरकार आईये हम बताते है।

इंसान की जिन्दगी पैसों से चलती है और पैसा सरकारी कार्यालय में बनता है. आजकल रुपये के बिना कोई एक कदम भी नहीं चल पाता है लेकिन अगर हम आपसे कहें कि एक ऐसी जगह भी है जहां पैसों की कोई जरूरत नहीं तो आप यकीन करेगें ? नहीं ना…इसलिए आज हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ना तो पैसों की जरूरत है और ना सरकार की. और वो जगह हमारे भारत में ही स्थित है जो कि एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं ना तो यहां ना तो धर्म है, ना पैसा है और ना ही कोई सरकार. आप सभी यह सोच रहे होंगे कि भारत में तो शायद ही कोई ऐसा शहर हो लेकिन यह सत्य है और सबसे बड़ी बात यह है कि यह शहर चेन्नई से केवल 150 किलोमीटर दूर है.


इस जगह का नाम ‘ऑरोविले’ है आपको बता दें कि इस शहर की स्थापना साल 1968 में मीरा अल्फाजों ने की थी. इस जगह को सिटी ऑफ डॉन भी कहा जाता है यानी भोर का शहर. आप सभी को जानकर हैरानी होगी कि इस शहर को बसाने के पीछे सिर्फ एक ही मकसद था कि यहां पर लोग जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से दूर रहें. यहां कोई भी इंसान आकर रह सकता है लेकिन शर्त सिर्फ इतनी हैं कि उसे एक सेवक के तौर पर रहना होगा.


यह एक तरीके की प्रायोगिक टाउनशिप है जो की Viluppuram District तमिलनाडु में स्थित है. अब चलिए जानते हैं कौन है मीरा अल्फाजों. आपको बता दें कि मीरा अल्फाज़ों श्री अरविंदो स्प्रिचुअल रिट्रीट में 29 मार्च, 1914 को पोन्डिचेरी आई थी और वर्ल्ड वार प्रथम विश्वयुद्ध के बाद वह कुछ समय के लिए जापान चली गई थी. लेकिन साल 1920 में वह वापस से पोंडीचेरी आ गई थी साल 1924 मैं श्री अरविंदो स्प्रिचुअल संसथान से जुड़ गयी और जनसेवा के कार्य करने लगी. साल 1968 आते आते उन्होंने ऑरोविले की स्थापना करदी जिसे यूनिवर्सल सिटी का नाम दिया गया जहा कोई भी कही से भी आकर रह सकता है. साल 2015 तक इस शहर का आकर बढ़ता चला गया और इसे कई जगह सराहा भी जा रहा है.


आप इस शहर में करीबन 50 देशों के लोग रहते हैं. इस शहर की आबादी करीब 24000 लोगों की है यहां पर एक मंदिर भी है. हालांकि मंदिर में किसी धर्म से जुड़े भगवान की पूजा नहीं होती यहां सिर्फ लोग आते हैं और योगा करते हैं.


इस शहर की यूनेस्को ने भी प्रशंसा की है और आपको यह बात शायद नहीं पता होगी कि यह शहर भारतीय सरकार के द्वारा भी समर्थित है. हम आशा करते हैं यह जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई होगी क्योंकि हममें से शायद ही कोई हो जिसे यह पता हो कि भारत में भी इस प्रकार का कोई शहर है.

​ताजमहेल का सच जानकर उड जाएगे आपके होश! ताजमहेल- मंदिर या मकब्रा

आगरा के ताजमहल का सच सम्पूर्ण विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने वाले श्री पी.एन. ओक अपनी पुस्तक “Tajmahal is a Hindu Temple Palace” और “Taj Mahal: The True Story” में 100 से भी अधिक प्रमाण और तर्को का हवाला देकर दावा करते हैं कि ताजमहल वास्तव में शिव मंदिर है जिसका असली नाम तेजोमहालय है। श्री पी.एन. ओक साहब को उस इतिहासकार के रूप मे जाना जाता है जो भारत के विकृत इतिहास को पुर्नोत्‍थान और सही दिशा में ले जाने का काम किया है।


मुगलो और अग्रेजो के समय मे जिस प्रकार भारत के इतिहास के साथ जिस प्रकार छेड़छाड की गई और आज वर्तमान तक मे की जा रही है, उसका विरोध और सही प्रस्तुतिकारण करने वाले प्रमुख इतिहासकारो में पुरूषोत्तम नाथ ओक (Historian Purushottam Nath Oak) साहब का नाम लिया जाता है। ओक साहब ने ताजमहल की भूमिका, इतिहास और पृष्‍ठभूमि से लेकर सभी का अध्‍ययन किया और छायाचित्रों छाया चित्रो के द्वारा उसे प्रमाणित करने का सार्थक प्रयास किया।


श्री ओक के इन तथ्‍यो पर आज सरकार और प्रमुख विश्वविद्यालय आदि मौन जबकि इस विषय पर शोध किया जाना चाहिये और सही इतिहास से देश और समाज को अवगत कराना चाहिये। किन्‍तु दुःख की बात तो यह है कि आज तक उनकी किसी भी प्रकार से अधिकारिक जाँच नहीं हुई। यदि ताजमहल के शिव मंदिर होने में सच्चाई है तो भारतीयता के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। आज भी हम जैसे विद्यार्थियों को झूठे इतिहास की शिक्षा देना स्वयं शिक्षा के लिये अपमान की बात है, क्‍योकि जिस इतिहास से हम सबक सीखने की बात कहते है यदि वह ही गलत हो, इससे बड़ा राष्‍ट्रीय शर्म और क्‍या हो सकता है ? आखिर क्यों ताजमहल की असलियत को देश से छिपाया जा रहा है? इतने मजबूत तथ्यों और तर्कों के बाद भी ताजमहल के सही इतिहास से देश को क्यों वंचित रखा जा रहा है?


प्रो. ओक. बहुत सी आकृतियों और शिल्प सम्बन्धी विसंगतियों को इंगित करते हैं जो शिव मंदिर के पक्ष में विश्वास का समर्थन करते हैं। प्रो. ओक के अनुसार ताजमहल विशाल मकबरा न होकर विशेषतः हिंदू शिव मन्दिर है और आज भी ताजमहल के बहुत से कमरे शाहजहाँ के काल से बंद पड़े हैं, जो आम जनता की पहुँच से दूर हैं। प्रो. ओक. ने यह भी जोर देकर कहते हैं कि हिंदू मंदिरों में ही पूजा एवं धार्मिक संस्कारों के लिए भगवान् शिव की मूर्ति,त्रिशूल,कलश और ॐ आदि वस्तुएं प्रयोग की जाती हैं। ताज महल के सम्बन्ध में यह आम किवदंत्ती प्रचलित है कि ताजमहल के अन्दर मुमताज की कब्र पर सदैव बूँद-बूँद कर पानी टपकता रहता है, यदि यह सत्य है तो पूरे विश्व मे किसी भी कब्र पर बूँद बूँद कर पानी नही टपकाया जाता, जबकि प्रत्येक हिंदू शिव मन्दिर में ही शिवलिंग पर बूँद-बूँद कर पानी टपकाने की व्यवस्था की जाती है, फ़िर ताजमहल (मकबरे) में बूँद बूँद कर पानी टपकाने का क्या मतलब? इस बात का तोड़ आज तक नहीं खोजा जा सका है।

 

is ladke ko mile 1lakh dolar collage chorne ke or company suru karne ke

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18 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे कॉलेज जाने की तैयारी में लग जाते है, वही ये लड़का जिसका नाम है George Matus जो Utah, western United States का रहने वाला है को मिले है 1 लाख डॉलर (करीब 66 लाख रूपये) कॉलेज छोड़ने के लिए और खुद की कंपनी शुरू करने के लिए |

George Matus दरअसल एक हाई-स्कूल ग्रेजुएट है जिसका बचपन का ज्यादातर समय उड़ने वाले खिलोनों के साथ छेड़छाड़ करते हुए बीता था | उसने 11 साल की उम्र में अपना खुद का उड़ने वाला ड्रोन बना लिया था और 16 साल की उम्र में पहली मेजर ड्रोन रेस जीती थी | इन सालों के दौरान उसने अपने “ड्रीम ड्रोन” के लिए काफी सारे नए फीचर के बारे में सोच रखा था | अंततः उसने इसे बनाने की ठान ली |

2015 में Stanford University hackathon में अपने ड्रोन की प्रदर्शनी के दौरान Matus की मुलाकात Thiel Fellowship के रिप्रेजेन्टेटिव से हुई |

Thiel Fellowship एक प्रोग्राम है जिसको टेक अरबपति Peter Thiel ने बनाया है | Thiel Fellowship प्रोग्राम में Matus को एक लाख डॉलर का ऑफर दिया गया जिसमे उसे कॉलेज छोडकर ड्रोन के क्षेत्र में कुछ नया बनाना था |

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Matus के अनुसार ये ऑफर मिलने पर उसमे उनसे पूछा “क्या में अपना हाई-स्कूल पूरा कर सकता हु?” तो उन्होंने कहा “रुको, क्या तुम सच में अभी हाई-स्कूल में हो?”

इसके बाद Matus ने प्रशाशन से परमिशन ली और आधा दिन कंपनी के लिए अपनी हाई-स्कूल की रोबोटिक्स लैब में कंपनी के काम करने लगा बाकि आधा दिन अपनी क्लासेज अटेंड करने में | इसके बाद अनुदान के तहत उसे अपनी टीम बढाने की इज़ाज़त मिली, उसे 3 फुलटाइम स्टाफ कर्मचारी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए जरुरी रिसोर्सेज भी मिले |

अपनी मेहनत के कारण अब Matus को Teal कंपनी का सीईओ बना दिया गया है | Teal जो की consumer drone market में अपने ख़ास प्रोडक्ट quadcopter के कारण चर्चा में है, ये रेसिंग से लेकर वर्चुअल रियलिटी गेमिंग तक सबकुछ कर सकता है |

Matus का कहना है की ज्यादातर ड्रोन प्राइमरी यूज़, जैसे की फिल्म इंडस्ट्री में एरियल फोटोग्राफी, जहा इंसानों को जाने में खतरा हो वंहा निगरानी के लिए बनाए जाते है, लकिन वो नौसिखिया और प्रोफेशनल्स के लिए ड्रोन बनाना चाहता था | Matus का कहना है की वो सिर्फ उड़ता हुआ कैमरा नहीं बनाना चाहता |

Teal कंपनी का Teal aircraft एक स्वचालित और रिमोट कंट्रोल दोनों तरह से चलने वाला ड्रोन है | कोई यूजर इसे हवा में उछाल कर अपने बच्चो की निगरानी कर सकता है, या फिर इसे ट्रैक पर भेज कर दोस्तों के साथ रेसिंग कर सकता है |

इस ड्रोन में 4K कैमरा और इमेज रिकग्निशन टेक्नोलॉजी लगी हुई है, जिससे ये चेहरों को याद रख सकता है और उन लम्हों को रिकॉर्ड भी कर सकता जिनको आप याद रखना चाहते है | इसका ऑनबोर्ड प्रोसेसर काफी तेज़ी से डाटा का ट्रान्सफर करता है जिसका मुकाबला बहुत कम ड्रोन कर सकते है |

इसकी सबसे ज्यादा ख़ास बात है इसकी स्पीड, ये 0 से 60 मील प्रतिघंटे की स्पीड पर एक सेकंड में पहुच सकता है, जो इसे दुनिया का सबसे तेज़ और हल्का ड्रोन बनाती है | Matus का कहना है की इसने हाल ही की quarter-mile drag race में Tesla कंपनी के ड्रोन को धुल चटा दी थी |

ये ड्रोन केवल 10 मिनट के लिए उड़ सकता है और एक high-endurance battery जो अलग से बेचीं जाती है, का इस्तेमाल करके अतिरिक्त 20 मिनट की उड़ान भी भर सकता है |

Teal (जिसे पहले iDrone नाम से भी जाना जाता था) के लिए Matus का पहला consumer product जिसे वो “smartphone of drones” कहता है को प्री-आर्डर के तहत 1299 डॉलर में बुक करवा सकते है जो साल के अंत तक डिलीवर होना शुरू होगा |

Utah की खुली जगहों पर अपने इन्वेस्टर्स से मीटिंग करते हुए आप Matus को आसानी से ढूंढ सकते है, वही करते हुए जो वो करना चाहता है – ड्रोन उड़ाना | Matus का कहना है की ये सब उसे अपना पसंदीदा काम लगता है|

Matus का वीडियो भी आप देख सकते है |

9 sal tak fasa rha ye saksh ,google ne bchaya isko

क्या आप खुद को किसी द्वीप पर फसा होने की कल्पना कर सकते है? फिल्मो के लिहाज़ से ये थोडा मजेदार लग सकता है | आपको लगता होगा कोई तो आपको ढूंढ लेगा, आप शायद वहाँ कोई घर बनाने की भी सोचेंगे, मछली खाकर अपना पेट भरने की बात सोचेगे, लेकिन वास्तव में ये सब बहुत भयानक हो सकता है | अगर आप भूख से नहीं मरे तो चिंता जरुर आपको मार सकती है | पढ़िए ऐसे ही एक आदमी Adam Jones की कहानी जो 9 साल तक एक द्वीप पर फसा रहा |

2006 में Adam Jones अपने 2 दोस्तों के साथ अपने घर लिवरपूल से हवाई तक की यात्रा करने निकले थे | रास्ते में उनको अटलांटिक महासागर और पनामा नहर को पार करना था |

अटलांटिक में शुरुवात में तो उनकी यात्रा काफी अच्छी चल रही थी, लेकिन अचानक महासागर अशांत हो गया और चीज़े दक्षिण दिशा की ओर जाने लगी | उनकी नाव एक विशाल तूफ़ान में फंस गई, जिसने उनकी नाव को काफी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे उसके दोनों दोस्त पानी में गिर गए और एडम बेहोश होकर नाव में ही गिर गया | 

होश आने पर एडम ने खुद को द्वीप पर फसा हुआ पाया | धीरे-धीरे उसने पानी जमा करने के लिए साधन जुटाए, उसे 11 हफ्ते लगे एक पेड़ को काट कर अपने लिए एक छत बनाने में |

एडम ने खाने के लिए बकरियों को मारने का प्रयास किया, लेकिन कुछ भी काम नहीं कर रहा था | सौभाग्य से एक बकरी झाड़ियों में फ़स गई, और उसे खाने को कुछ मिल गया |

एडम ने इसे काफी बुरे एक्सपीरियंस की तरह बताया, लेकिन जीवित रहने के लिए उसे ये सब नियमित अंतराल से करना पड़ा |

एडम ने ये भी बताया की उसे रोजाना एक्सरसाइज भी करनी पड़ती थी, ताकि वो खुद को फिट और हेल्थी रख सके | 

उसे वो साड़ी पीड़ा याद थी जिससे वो हर दिन गुजरता था, ये मेरे लिए एक बहोत ही बुरे सपने की तरह था | इस दौरान वो खुद से बाते भी करने लगा था |

एक दिन एडम के दिमाग में कुछ आया, उसने काफी बड़े से एरिया को साफ़ किया और उस पर बहोत बड़े आकार में SOS का निशान बनाया और आशा करने लगा की एक दिन कोई उड़ता हुआ विमान इसे जरुर देखेगा और उसकी मदद करेगा |

एक दिन एडम ने देखा की उस द्वीप के उपर एक प्लेन उड़ रहा था | उस प्लेन के क्रू ने उसके लिए प्राथमिक चिकित्सा किट, पानी, खाना और एक रेडियो स्टेशन भेजा, जिससे एडम ने काफी देर तक पायलट के साथ बात की |

इसके पीछे की कहानी पर आप यकीं नहीं कर पाएंगे | दरअसल Minnesota शहर के एक बच्चे ने गूगल मैप्स पर उसका बनाया हुआ SOS का निशान निशान देख लिया था, तो इसने इसकी जानकारी जरुरी लोगो को दी और उस निशान की जांच-पड़ताल के लिए एक प्लेन भेजा गया | उसी प्लेन से एडम को बचाया जा सका | 

ये एक सत्य घटना है और इस पर एक फिल्म भी बन चुकी है | 

amazing fact jankar apke hosh ud jayenge

 

दुनिया में ऐसी बहोत सी चीज़े है जिनके बारे में इंसान को अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन साथ ही बहोत सारी ऐसी बाते भी है जिनके बारे में आम आदमी को कम ही पता होता है | ये सभी जानकारिय वैज्ञानिक विषयों से जुडी हुई है इसलिए आम आदमी को इन सब के बारे में जानने का मौका नहीं मिल पाता | इस पोस्ट से आप ऐसी ही रोचक चीजों के बारे में जान पायेगे जिनके बारे में शयद आपने कभी सोचा नहीं होगा

तो करते है शुरू 

कंगारू

आज आप जिन कंगारू को देखते है वो 12 हज़ार साल पहले दरियाई घोड़े के आकार जितने बड़े हुआ करते थे

इंसान का बच्चा

इंसान के बच्चे को जन्म के बाद 4 महीने तक नमक और चीनी के स्वाद का पता नही चलता

प्रथ्वी का आकार

अगर प्रथ्वी को एक धुल के कण के बराबर माना जाए तो सूर्य का आकार एक संतरे के बराबर होगा

घोड़े का आकार

वैज्ञानिको के मुताबकि लाखों साल पहले घोड़े का आकार आज की एक बिल्ली के बराबर हुआ करता था

लैटिन भाषा

पूरी दुनिया में केवल 100 लोग ही ऐसे है जो लैटिन भाषा को अच्छी तरह बोल पाते है

मनुष्य का दिल

एक व्यस्क इंसान का दिल 30 feet की ऊंचाई तक रक्त को पंप कर सकता है

हरी आँखे

पूरी दुनिया में केवल 2 प्रतिशत इंसानों की आँखे ही हरे रंग की होती है

शरीर का खून

इंसान का खून एक दिन में पुरे शरीर के 1000 बार चक्कर लगाता है

फ्राइडे दि 13

जिन लोगो को 13 तारीख को शुक्रवार होने से डर लगता है वो friggatriskaidekephobia से पीड़ित
होते है

केंचुआ का भोजन

एक केंचुआ हर रोज़ लगभग अपने शरीर के बराबर वजन का भोजन खा लेता है

दिमाग में बिजली

एक व्यस्क इंसान के दिमाग में इतनी बिजली होती है के उससे एक बल्ब जल सकता है

प्लूटो का नाम

प्लूटो गृह का नाम 1930 में इंग्लैंड की 11 साल की बच्ची के नाम पर पड़ा था।

कीड़े खाते हैं लोग

पूरी दुनिया में लगभग 200 करोड़ लोग आज भी नियमित आहार के रूप में कीड़े खाते है

लकी अंडर वीयर

इटली में लोगो का मानना है नए साल पर लाल अंडरवियर पहनना लकी होता है

यूरेनस पर दो मौसम

यूरेनस गृह पर केवल दो तरह के मौसम होते है, सर्दी और गर्मी | प्रत्येक मौसम 42 साल तक रहता है |

बिल्ली की हत्या

प्राचीन मिस्र में बिल्ली ही हत्या करने पर मौत की सजा दी जाती थी

टोकेलाऊ द्वीप

ये दुनिया का एकमात्र द्वीप है जहां बिजली सिर्फ सौर उर्जा से आती है

सबसे ज्यादा बोर्ड गेम

दुनिया में सबसे ज्यादा बोर्ड गेम यानी लूडो, चेस, आदि जर्मनी में बिकते हैं

पेड़ पर सोते भालू

क्या आप जानते हैं कि काले भालू कभी-कभी पेड़ पर भी जाकर सो जाते हैं

आइसलैंड सबसे खुशहाल

आइसलैंड सबसे खुशहाल राष्ट्र है। एक मात्र ऐसा देश है जिसके पास आर्मी नहीं

20 eise log jo khud prasidh nahi huye jitne unke kam

अगर आप किसी से पूछे की बल्ब का आविष्कार किसने किया? तो लगभग सभी लोग बता देगे की Thomas Alva Edison ने बल्ब का आविष्कार किया | लेकिन अगर आप किसी से पूछे की WWW (world wide web) का आविष्कार किसने किया?, जो की आज लगभग हर एक की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है | शायद आपको इसका जवाब ना मिले, हालांकि बल्ब का आविष्कार भी काफी जरुरी आविष्कार था, लेकिन बहोत से दुसरे ऐसे आविष्कार है जिन्होंने बहुत व्यापक पैमाने पर हमारी जिंदगी को प्रभावित किया है | इनके अविष्कारको को इतनी ज्यादा प्रसिद्धि नहीं मिली क्योकि उनके आविष्कार इतने अप्रासंगिक और इतने सामान्य थे की हमारे दिमाग में ये विचार नहीं आता की इनका आविष्कार किसने किया होगा |

क्या आपने खुद से कभी पूछा की मुड़ने वाली पीने की नली का आविष्कार किसने किया होगा? | इस तरह के आविष्कार शायद अत्यधिक जटिल तकनीक वाले या किसी इलेक्ट्रॉनिक टूल पर निर्भर रहने वाले नहीं हो, लेकिन आप यकीन नहीं करेगे की इस तरह के अविष्कारों को भी नोबेल आविष्कार के तौर पर जाना जाता है | तो जानते है कुछ ऐसे ही अविष्कारों के बारे में जिन्होंने हमरी जिंदगी को बहोत प्रभावित किया लेकिन हम उनके अविष्कारको के बारे में शायद बिल्कुल नहीं जानते है !

1. Douglas Engelbart – इन्होने पहला कंप्यूटर माउस डिज़ाइन किया था, जिससे हमें कंप्यूटर के साथ सबसे अच्छे तरीके से communicate करने का तरीका मिला |

2. Ajay Bhatt – इन्होने USB यानी Universal Serial Bus को बनाया था, जिसका उपयोग आज सभी कंप्यूटर और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में होता है |

3. Karlheinz Brandenburg – ये MP3 फाइल फॉर्मेट के जनक है, इनकी बदोलत ही आज हम पायरेटेड म्यूजिक को सुन पाते है |

4. Ron Klein – इन्होने Magnetic Strip का अविष्कार किया जिससे आज हम आसानी से बिना कैश के transactions कर पाते है |

5. Willis Carrier – गर्मियों के दिनों में अगर एयर कंडीशनर (AC) का मज़ा लेते है तो इनको जरुर धन्यवाद दे क्योकि इन्होने ही पहला एयर कंडीशनर बनाया था |

6. Garrett Morgan – इन्होने पहली Street Traffic Light बनाई थी जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ |

7. Lazlo Biro – जिस ख़ूबसूरती के साथ आप अपने शब्द कागज़ पर लिखते है वो इनकी ही देन है, इन्होने पहला Ball Point Pen बनाया था |

8. Harvey Ball – Whatsapp, Facebook या दूसरी सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर आप जिस SMILEY से अपने एक्सप्रेशन बयान करते है उसका आईडिया सबसे पहले इनके ही दिमाग में आया था |

 हालांकि इन्होने अपनी इन्वेंशन का पेटेंट नहीं करवाया क्योकि इन्हें लगा था की ये शायद इतना ज्यादा फेमस नही होगा |

9. James Goodfellow – इन्होने ATM और PIN code का इन्वेंशन किया था, जिससे हम किसी भी समय कैश प्राप्त कर सकते है |

10. Samuel O’Reilly – इन्होने मॉडर्न Rotary Tattoo मशीन का इन्वेंशन किया था |

11. Tim Berners-Lee – इन्होने WWW (World Wide Web) यानि इन्टरनेट का आविष्कार किया था |

12. Nick Holonyak – LED Bulb का निर्माण इन्होने ही किया था, जिसकी वजह से tube lights और light bulbs का चलन ख़त्म हो गया |

13. Joseph Friedman – मुड़ी हुई स्ट्रॉ के पीछे इनका ही आईडिया था, इनकी वजह से हम बिना गर्दन में मोच लाये किसी ड्रिंक को पी सकते है |

14. Scott Jones और Greg Carr – इन्होने Voicemail का अविष्कार किया, जो Telecom Industry की बहोत बड़ी खोज थी |

15. Charlie Branok – इन्होने पहला टूल बनाया था जिससे Shoe size को मापा जा सकता था |

16. Robert William Kearns – इन्होने पहला Intermittent Windshield Wiper Systems बनाया था जो सभी ऑटोमोबाइल्स में इस्तेमाल होता है |

17. Phillip Walter Katz – ये .zip फाइल फॉर्मेट, जिससे हम data compression करते है के इनवेंटर है |

18. Wilhelm Roentgen – X-Rays का निर्माण इन्होने ही किया था, जिसके लिए इन्हें Physics का पहला Nobel Prize मिला था |

19. Nathaniel Baldwin – पहला Headphone इन्होने बनाया था, जिससे जवान म्यूजिक लवर्स अपने म्यूजिक से सीधे जुड़ सकते है |

20. Gideon Sundback – Zipper यानि चेन का अविष्कार इन्होने ही किया था जो आज लगभग सभी तरह के कपड़ो और बैग में इस्तेमाल होती है |

तो याद रखिए आपके जीवन से जुडी हर छोटी से लेकर बड़ी चीज़, जिसका इस्तेमाल आप करते है के पीछे किसी इंसान की बहुत गहरी सोच का हाथ है |

Fact about black water andaman nicobar

​Fact 1. इस द्वीप की उत्पत्ति को लेकर लोगों में तरह-तरह की मान्यताएं हैं। ऐसा माना जाता है कि अण्डमान शब्द हनुमान का एक रूप है, जो संस्कृत मूल के मलय भाषा से प्रचलित हुआ है। दरअसल, मलय में रामायण के हनुमान पात्र को हन्डुमान कहा जाता है और निकोबार का मतलब है नेकेट लोगों को लैंड।

Fact 2.यहां रहने वाले मूल जनजाति बाहर से आने वाले लोगों के साथ घुलते-मिलते नहीं हैं। यहां के निवासी मुख्यतः ‘जार्वा’ जनजाति से हैं। यह 500 से भी कम की संख्या में हैं और बाहरी लोगों से बिल्कुल घुलते मिलते नहीं हैं।

Fact 3.वैश्विक स्तर पर आइलैंड बेहद चर्चित है लेकिन आज भी इसकी कई ऐसी जगहें हैं जहां इंसान पहुंच ही नहीं सका है। इसके कुल 572 आइलैंड्स में से 36 ही जाने या बसने लायक है। निकोबार में जाने के लिए सिर्फ रिसर्च या सर्वे के लिए ही चुनिंदा लोगों को इजाजत मिलती है। टूरिस्ट के लिए यहां जाना भी मुश्किल है।

Fact 4.यहां पर सबसे ज्यादा समुद्री कछुआ पाया जाता है। धरती का सबसे बड़ाकछुआ यहीं पर अपना ठिकाना बनाता है। इस कछुए का नाम Dermocheleys Coriacea है। यह साइज में बेहद बड़े होते हैं और हर साल अंडमान पहुंचते हैं। धरती का सबसे छोटा कछुआ ओलिव राइडली भी अंडमान पहुंचकर आसरा बनाता है।

Fact 5.20 के नोट पर जंगल वाल हिस्सा अंडमान द्वीप का ही है।

Fact 6.अंडमान में कमर्शियल फिशिंग बैन है। यह धरती की उन चुनिंदा जगहों में से हैं जहां मछलियों को उम्र पूरी कर मरने का अवसर मिलता है और वह अपनी जिंदगी जीती है।Fact 7.अंडमान के आइलैंड्स पर सदी के पहले सूर्योदय की पहली किरण पड़ी थी।ऐसा सौभाग्य कैचल आइलैंड को मिला था।

Fact 8.अंडमान में बटरफ्लाई आपको खूब दिखेंगी। अंडमान तितलियों के लिए ‘हैप्पी आईलैंड’ है। आसपास के उष्णकटिबंधीय आइलैंड से ढेरों तितलियां यहां पहुंचती हैं।

Fact 9.अंडमान में कोकोनट क्रैब बहुत ज्यादा पाए जाते हैं। ये जमीन पर पाएजाने वाले सबसे विशाल क्रेब होते है जिनकी लंबाई 1 मीटर तक हो सकती है। इनका पसंदीदा आहार कोकोनेट होता है यह अपने मुंह से नारियल के मजबूत खोल को भी तोड़ देते है।

Fact 10.यहां पर पर सबसे ज्यादा बंगाली भाषा बोली जाती है। इसके अलावा हिन्दी, तमिल, तेलगू और मलयालम भाषा बोलने वाले लोग हैं।

Fact 11.अंडमान का स्टेट एनिमल है डुगोंग। यह एक समुद्री जीव है और अपने जोड़े संग बेहद शर्मीला रहता है। इनके 5 ब्रीडिंग सेंटर हैं जिसमें से एक अंडमान में है।

Fact 12.इंडिया में केवल अंडमान में ही आपको वाल्कोनो देखने को मिलेगा। भारत में एक ही सक्रिय ज्वालामुखी है, और ये अंडमान में ही है। ये आइलैंड पोर्ट ब्लेयर से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां जाकर आप इस ज्वालामुखी को देख सकते हैं।

Fact 13.पहला यूरोपीय जिसने अंडमान में अपनी कॉलोनी बनाई वह डेनिश (डेनमार्क का निवासी) था। यह 1755 में अंडमान पहुंचा था। अंग्रेज पहली बार 1789 में अंडमान पहुंचे थे, वह भी चंथम आइलैंड पर। अंग्रेजों ने यहां अपनी कॉलोनी और नेवल मिलिट्री बेस बनाया।

Fact 14.डेनिश कॉलोनियल रूल यहां 1868 में खत्म हुआ था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ब्रिटिशर्स ने इसे खरीद लिया था। इसके बाद आइलैंड का पूरा अधिकार अंग्रेजों के हाथ में चला गया।

Fact 15.सुभाष चंद्र बोस ने अपनी ‘आजाद हिंद फौज’ को जापानी मदद से और मजबूत किया। यह द्वितीय विश्व युद्ध का ही दौर था। बोस ने उत्तर और दक्षिणी आइलैंड को शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप नाम दिया था।

Fact 16.द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार एकमात्र भारत काऐसा भूमिक्षेत्र था जिसपर जापान ने कब्जा जमाया था। जापान ने भारत के उत्तर पूर्व के कुछ हिस्सों को भी कब्जे में लिया था लेकिन सिर्फ 6 महीने के लिए। इस आइलैंड पर 3 साल तक जापान का कब्जा रहा था।

Fact 17.अंडमान के दो आइलैंड्स का नाम ईस्ट इंडिया कंपनी के दो ऑफिसर्स के नाम पर रखा गया है। ये आइलैंड हैं- हेवलॉक और नील आइलैंड।

Fact 18.अंग्रेजी शासन में अंडमान का नाम ‘काला पानी’ की सजा के लिए चर्चित था। यहां की सेल्युलर जेल आज भी स्वाधीनता संग्राम के नायकों की कहानी कहती है। हालांकि इस जेल को अब राष्ट्रीय स्मारक में बदल दिया गया है।

Fact 19.भारत से ज्यादा अंडमान इंडोनेशिया और बर्मा के नजदीक है। अंडमान की इंडोनेशिया से दूरी 150 किलोमीटर है जबकि भारत की सीमा इससे 800 किलोमीटर दूर है।Fact 20.अंडमान आइलैंड का 90 फीसदी इलाका सघन जंगली है। यह भारत के किसी भी राज्य से ज्यादा है।

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याचक ने कहा – हे यांत्रिक ज्ञान शिरोमणि जुकराचार्य एवम् फेसबुक के अन्य शिल्पकारों ।

एक चिंतनीय विषय आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ । इस पावन जम्बूद्वीप में अलौकिक और रमणीय आभासी संसार फेसबुक , जीवों के लिए सागर मंथन से निकले अमृत के समान अद्वितीय है । इसके सृजन के लिए आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं । यहाँ , समय व्यतीत होने के साथ ऋषियों समान टंकणकारों की एक विशेष बौद्धिक प्रजाति विकसित हुई है । जो टंकण में अत्यंत कुशल है । अपने विचारों को मोबाइल टंकण के माध्यम से वे इस संसार के ज्ञान पिपासु विद्यार्थियों के लिए वैचारिक सामग्री का अथाह स्त्रोत उपलब्ध करवाते हैं । परंतु अब , एक अत्यंत विकट समस्या फेसबुक पर उत्पन्न हुई है । इन लेखकों के समानांतर ही पोस्ट परजीवी नामक जीवों की संख्या अत्यधिक तीव्र गति से बढ़ रही है । इनके द्वारा किसी की वाल से पोस्ट चूस कर अन्य स्थान पर अपने नाम से स्थानांतरित व् अंकित करने की गतिविधियाँ बहुत बढ़ चुकी हैं । दुराचारी परजीवी केवल मात्र दूसरों की पोस्ट चूस-चूस के ख्याति प्राप्त कर लेते हैं । धर्मात्मा लेखक , टंकणकार और कलाकार त्राहि-त्राहि कर रहे हैं तथा ये पोस्ट परजीवी बड़े-बड़े ग्रुप और पेजों के एडमिन बन इस संसार में नाना प्रकार से सुख भोग रहे हैं ।
अब तो केवल आप ही इस दुःख का निवारण कर सकते है मुनिवर । आपसे प्रार्थना है कि इन लोलुप , दुराचारी व् मायावी पोस्ट परजीवी असुरों के लिए किसी प्रकार का मानहनन यज्ञ करवाया जाए जिसमे इनके चरित्र शील को नष्ट किया जा सके तथा एक निपुण वैद्यराज द्वारा इनपर विषाक्त पोस्ट परजीवी प्रताड़ना रसायन का छिड़काव किया जाए ।
अत्युत्तम होगा यदि लाइक इत्यादि अन्य बटनों के साथ ‘चोरी की पोस्ट’ नामक एक महा जलीलाकारी बटन की भी व्यवस्था की जाए ।
याचक – एक सूक्ष्ण टंकण कर्ता ।
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