Category: ANDROID TIPS AND TRICKS (hindi me)

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Android kya hai kisne or kyu bnaya jane hindi me

click here..एंड्राइड दुनिया के अधिकतर मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे प्रचलित operating system है। नोकिया, ब्लैकबेरी और एप्पल को अगर छोड़ दिया जाए तो सारे मोबाइल सेट्स इसी आपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं और यह दुनिया में सबसे तेजी से प्रगति करने वाला आपरेटिंग सिस्टम है। तो तकनीकी भाषा में समझिए कि आखिर एंड्रॉयड अन्य operating system से कैसे अलग है। एंड्रॉयड की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि आप इसमें संशोधन (Modification) कर सकते हैं। यानी आप अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी बदलाव कर सकते हैं। इसके अलावा किसी अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम में यह सुविधा नहीं होती है।

क्या है एंड्रॉयड:

दरअसल एंड्रॉयड लाइनेक्‍स आधारित मोबाइल फोन और टेबलेट के लिए तैयार किया गया operating system है। इसे गूगल ने तैयार किया है। दुनियाभर में बिकने वाले अधिकतर मोबाइल फोन इसी सिस्टम पर काम करते हैं। इस ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि गूगल के मुताबिक यह ऑपरेटिंग सिस्टम दुनियां के लगभग 1 बिलियन से ज्‍यादा स्‍मार्ट फोन और टेबलेट में इस्तेमाल किया जा रहा है।

एंड्रॉयड का इतिहास: एंड्रॉयड एप्लीकेशन अपने नामों के कारण अक्सर चर्चा में रहता है। आपको बता दें कि 30 अप्रैल साल 2009 को एंड्रॉयड ने अपना पहला कमर्शियल वर्जन 1.5 बाजार में उतारा था जिसका नाम कपकेक रखा गया था। इसके बाद एंड्रॉयड के कई वर्जन बाजार में उतारे गए जो अपने नामों के कारण चर्चा का केंद्र रहे।

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बाजार में उतरे एंड्रॉयड के अब तक के वर्जन:

15 सितंबर 2009 को डोनेट एंड्रॉयड 1.6
26 अक्टूबर 2009 को अक्लेर एंड्रॉयड 2.0-2.1
साल 2010 एंड्रॉयड 2.2 फ्रोयो
दिसंबर 2010 जिंजर ब्रैड 2.3
साल 2011 जिंजर ब्रैड का संशोधित वर्जन 2.3.3-2.3.7
मई 2011 हनीकाम्ब 3.1
जुलाई 2011 हनीकाम्ब 3.2
दिसंबर 2011 आइसक्रीम सैन्डविच 4.0.3 और 4.0.4
साल 2012 में जैलीबीन 4.1x और 4.2x
साल 2013 में जैलीबीन 4.3.1
31 अक्टूबर 2013 में किटकैट 4.4-4.4.4, 4.4w-4.4w.2
12 नवंबर 2014 में लॉलीपाप 5.0-5.1.1
5 अक्टूबर 2015 में मार्शमैलो 6.0-6.0.1
22 अगस्त 2016 nougat 7.0

​एंड्राइड मै kernel क्या होता है ?

Android me” kernel”kya hota hai ayiye jante hai.
 

दोस्तों आज हम उस kernel की बात नही करेगे जो आपको आउट फ़ोर्स मैं या army मैं मिलेंगे तो आज हम उस kernel की बात करेगे जो आपके स्मार्ट फ़ोन मे  एंड्राइड मैं , लेपटोप या डेस्कटॉप मे होता है .
अगर आप अपने मोबाइल के settings>about  में जो वहां लिखा  होगा की kernel version और उसके निचे लिखा होता है आपके kernel के नाम और उसकी details और कोड नंबर और उसकी साडी जानकारी .

ये हर टेक्नोलॉजी में यूज़ होता है जिस hardwere मे OS install किये जाते है जेसे 

Android

Windoes

MAC

Symbin

kernel क्या है ?
अगर हम example के लिए स्मार्ट फोन ले तो उसमें  तरह तरह के hardwere कंपोनेंट्स देखने को मिलते हैं जेसे –
RAM 

Processer 

Store

Camera

Display

इनके आलावा भी कई hardwere पार्ट्स होते हैं जो मोबाइल से जुड़े रहते हैं इसी तरह लैपटॉप डेस्कटॉप आदि मैं भी पार्ट्स जुड़े रहते हैं . 
इसे मैं इन hardwere को रन करने के लिए एसे sourse की आवस्यकता है जो इनको ठीक तरह से इस्तेमाल करे और आपके softwere तक भेज सके .  
मानलो मेरे पास एक कैमरा apps है जिसे मेरे फ़ोन मैं install किया हैं , अब जेसे ही मैं उस कैमरा apps को ओपन करुगा तो कैमरा apps भी कहेगी की कैमरा को access कर सके ,  तो एसे मैं मेरे पास softwere को कैमरा hardwere की access देने के लिए एक Authentecation होनी चाहिए जिससे वो परमिशन दे सके .
ऐसे मैं softwere और hardwere के बीच में softwere को उस हर step के लिए hardwere से परमिशन लेनी होगी जेसे –

* कैमरा apps को कोई भी click करने के पहले hardwere से LED के लिए परमिशन लेनी होगी 

* फोटो click होने के बाद apps को hardwere से ये परमिशन लेनी होगी की मुझे अब pic स्टोर करना है 

एसे मे ये सारी परमिशन लेने देने का काम kernel करता है .

kernel एक एसा softwere है जो hardwere और softwere के बीच मैं पुल का कम करता हैं 

softwere क जो भी hardwere रिक्वायर्ड होती हैं वो kernel true request करते हैं और kernel उसकी request एक्सेप्ट करके उसके बीच में hardwere कम्युनिकेशन पूरा करके देता है .

Scening app se sambhal kar rakhen apne jaruri dastawej

दस्तावेजों को सहजने की जरुरत हमारी जिंदगी में आम बात है। अक्सर हम फोन से उन दस्तावेजों की फोटो खींच लेते हैं मगर उनकी फोटो क्वालिटी खराब होने की वजह से वे बेकार हो जाते हैं। इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप स्कैनिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं जो दस्तावेजों की क्वालिटी को सुधारने में मदद करते हैं।

कैम स्कैनर एप

गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में मौजूद कैम स्कैनर एप की मदद कागजों की फोटो खींचने के बाद उनकी क्वालिटी अपने आप बढ़ जाती है। इसमें पीडीएफ बनाने का विकल्प भी है। इस एप की मदद से जब भी आप किसी दस्तावेज की फोटो खींचेंगे तो वह ऑटोमैटिक तरीके से टेक्स्ट और ग्राफिक को साफ करके दिखाएगा। इसमें शेयर करने का विकल्प भी मौजूद है और उसमें पासवर्ड का सुरक्षा कवच भी लगा सकते हैं। इससे वही व्यक्ति उस फाइल को खोल सकेगा जिसे उस पासवर्ड की जानकारी होगी। अगर आपने किसी को वह फाइल भेजी है तो उसे वही व्यक्ति खोल सकता है जिसे उस पासवर्ड की जानकारी है। यह गूगल प्ले स्टोर पर CamScanner -Phone PDF Creator नाम से मौजूद है।

डॉक्यूफाई एप

Docufy – Convert to PDF नाम का यह एप एंड्रॉयड यूजर के लिए मुफ्त में उपलब्ध है। इसमें ब्राइटनेस को मैनुअली बढ़ाया जा सकता है। यह एप स्कैन दस्तावेजों को गूगल ड्राइव पर पर ऑटोमैटिक सिंक करके पहुंचाता रहता है। ताकि बाद में जरूरत पड़ने पर आप उन्हें कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं। सेटिंग में जाकर इसके सिंक को बंद भी किया जा सकता है।

ऑफिस लेंस एप

माइक्रोसॉफ्ट का यह एप Office Lens एक पॉकेट स्कैनर की तरह है। दस्तावेजों को स्कैन करने के बाद अगर आप संतुष्ट नहीं है तो आप अपनी मर्जी से मैनुअली जाकर इसमें रंगों को सेट कर सकते हैं। स्कैन करने के बाद फाइल को वन नोट, वन ड्राइव और किसी भी लोकर ड्राइव में सुरक्षित करके रख सकते हैं। इससे खींची गई फोटो को एमएस ऑफिस की वर्ड फाइल, पावर प्वाइंट और पीडीएफ में बदला जा सकता है।

Agar apkr phone hai virus to eise hatayen.


आमतौर पर ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन वाइरस की चपेट में नहीं आते। कुछ ऐसे ऐड्स होते हैं, जो आपको गलत जानकारी देते हुए दिखाते हैं कि आपके फोन में वाइरस है और इसे ठीक करने के लिए हमारा ऐप डाउनलोड कर लीजिए। इसके अलावा कई बार फोन में अन्य तरह की गड़बड़ियां भी आ जाती हैं, जिससे वह ठीक से काम नहीं करता। मगर इसका मतलब यह नहीं कि ऐंड्रॉयड फोन एकदम सेफ होते हैं। इनमें भी वाइरस आ सकते हैं।

अगर आपके स्मार्टफोन में भी कोई वाइरस आ गया है तो आगे जानें, कैसे उसे पहचाना जा सकता है और कैसे हटाया जा सकता है…

हर कहीं से ऐप न डाउनलोड करें

वाइरस कैसा भी हो, ऐंड्रॉयड में वह ऐप्स की मदद से घुसपैठ करता है। आपके फोन या टैब में वाइरस हो तो सबसे पहले ऐप्स चेक करें। गूगल प्ले स्टोर से बाहर का कोई भी ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहिए। मेसेज वगैरह से आए किसी लिंक से भी ऐप डाउनलोड न करें। हाल ही में गूगल प्ले स्टोर में भी कुछ खतरनाक ऐप्स की जानकारी मिली है। इसलिए ध्यान दें कि कहीं से भी ऐप डाउनलोड करना हो, पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा लें। अगर कोई ऐप खोलने पर फोन हैंग हो रहा हो या अजीब तरीके से व्यवहार कर रहा हो, संभावना है कि वह वाइरस हो। उसे हटाने की कोशिश करें, अगर कोई दिक्कत आए तो समझ जाइए कि यह मैलवेयर है

फैक्टरी रीसेट करें

अपने​ स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाएं और सिक्यॉरिटी ऑप्शन में जाकर Unknow Sources (allow installation of apps from unknown sources) को डिसेबल रखें। डिसेबल नहीं है तो डिसेबल कर दें। आप ऐंटीवाइरस ऐप भी इंस्टॉल कर सकते हैं। 360 मोबाइल सिक्यॉरिटी और Avast जैसे कई ऐप्स हैं। अगर कोई ऐसा वाइरस ऐप आ गया है तो अनइंस्टॉल ही नहीं हो रहा तो फैक्टरी रीसेट करें, यह हट जाएगा। मगर इसके साथ ही अन्य डेटा और ऐप्स भी साफ हो जाएंगे। फोन वैसा हो जाएगा, जैसा यह खरीदने पर मिला था। अगर आप डेटा खोए बिना वाइरस हटाना सीखना चाहते हैं

डेटा गंवाए बिना ऐसे हटाएं वाइरस

​अपने फोन या टैबलट को सेफ मोड पर डालें। इस मोड में थर्ड पार्टी ऐप्स और वाइरस रन नहीं कर पाते। सेफ मोड में फोन कैसे डालना है, इसके लिए गूगल पर How to put (यहां अपने फोन के मॉडल का नाम लिखें) into safe mode सर्च करें और इंस्ट्रक्शन फॉलो करें। सेफ मोड में जाने के बाद आपको स्क्रीन के लेफ्ट बॉटम पर Safe Mode लिखा मिलेगा।
 
अब Settings में जाकर Apps पर जाएं और Downloaded टैब खोलें। यहां चेक करें कि कौन से ऐप को आपने इंस्टॉल नहीं किया है। या फिर जो ऐप हट नहीं रहा हो, उसे तलाशें। उस ऐप पर टैप करें और Uninstall कर दें। आमतौर पर यहीं से ज्यादातर वाइरस हट जाते हैं।

ऐडमिन स्टेटस वाले वाइरस को ऐसे हटाएं

सेफ मोड में जिस ऐप का अनइंस्टॉल बटन न दिख रहा हो, उसे हटाने के लिए Apps को एग्जिट करें और सेटिंग्स में Security > Device Administrators में जाएं। यहां पर उन ऐप्स की लिस्ट मिल जाएगी, जिन्हें ऐडमिनिस्ट्रेटर स्टेटस मिला है। जिन ऐप्स को हटाना है, उनका यह स्टेटस टैप करके हटा दें। इसके बाद आप वापस Apps मेन्यु में जाएं और Uninstall पर टैप करके उस संदिग्ध ऐप को हटा दें। अब सेफ मोड से बाहर जाने के लिए फोन को फिर से रिस्टार्ट कर दें।
इस तरह की प्रक्रिया अगर आपको जटिल लगती है तो हमेशा सावधानी बरतें। कभी भी इधर-उधर से कोई ऐप डाउनलोड न करें। साथ ही कोई ऐंटी-वाइरस इंस्टॉल करके रखें

अगर मेमोरी कार्ड खराब हो गया है तो इस तरह अपना डाटा वापस करें ।

अगर आपके मेमोरी कार्ड में आपका डेटा है और मेमोरी कार्ड खराब हो गया है तो आप उस स्थिति में क्या करेंगे, कैसे कार्ड से डेटा को रिकवर करेंगे। आइये हम आपको बताते हैं कि कैसे खराब मेमोरी कार्ड से आप डेटा निकाल सकते हैं।
सबसे पहले, अपने कार्ड का टाइप पता करें कि वह सामान्य एसडी कार्ड है या हाई कपैसिटी एसडी कार्ड है।

यह जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि अलग-अलग तरह के कार्ड्स की अलग-अलग तरीके से डेटा को सेव करते हैं।

अगर आपका डेटा एसडीएचसी कार्ड पर है, तो आपको इसे रीड करने के लिए एसडीएचसी डिवाइस की जरूरत होगी।

कुछ डिवाइसों के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड उपलब्ध होंगे जिनसे उसे अपग्रेड कर इन कार्ड्स को रीड किया जा सके। इसलिए कार्ड बनाने वाली कंपनी की वेबसाइट पर जाएं और देखें कि क्या वहां ऐसा कोई सॉफ्टवेयर है?

कार्ड रीडर में कार्ड लगाने के बाद देख लें कि जिस कार्ड रीडर में कार्ड लगाया है उसे कंप्यूटर रीड कर रहा है यै नहीं।

कई बार होता है कि ड्राइव का ऑप्शन तो बना आ जाता है लेकिन कार्ड को रीड नहीं करता।

इसलिए कोई सही कार्ड लगाकर यह सुनिश्चित कर लें कि कंप्यूटर उस कार्ड रीडर से कार्ड को रीड कर रहा है।

कई बार कार्ड स्कैन करने से ही ठीक हो जाता है। जरूरी नहीं है कि इससे करप्ट फाइल ठीक हो जाए, लेकिन ट्राई किया जा सकता है।

माई कंप्यूटर्स या विंडोज एक्सप्लोरर से कार्ड ढूंढ कर उसपर राइट-क्लिक करें। पॉप-अप मेन्यू से प्रॉपर्टीज पर जाएं। यहां आपको एक नया विंडो दिखाई देगा जिसमें पाई चार्ट बना होगा। अब टूल्स टैब को सिलेक्ट करें और फिर ‘एरर चेकिंग’ बटन पर क्लिक करें। फिक्सिंग फाइल सिस्टम एरर्स के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।

संभव है कि डायरेक्ट्री फाइलों के नाम की लिस्ट बना ले, पर वे ऐक्सेस न हो पाएं। ऐसे केस में ड्राइव लेटर पर राइट क्लिक कर ‘प्रॉपर्टीज’ सिलेक्ट करें। पाई चार्ट में डिवाइस का यूज्ड स्पेस दिखाई देगा। अगर वह बिल्कुल फ्री स्पेस दिखाता है तो या तो फाइलें डिलीट हो गई हैं, या फिर डायरेक्ट्री इरेज हो गई है। इस केस में फाइल रिकवरी या अनडिलीट प्रोग्राम फंक्शन से मदद मिल सकती है।

अगर आपका कार्ड ठीक से रीड हो पा रहा हो पर आप फाइल सेव न कर पाएं, तो कार्ड पर राइट प्रोटेक्शन हो सकता है। कार्ड के एज पर बने ‘लॉक’ पर जाएं और उस लॉक को खोलें। उसे तब सेव करें जब कार्ड अनलॉक्ड हो। एेसा करने से आपका कार्ड ठीक हो सकता है पर ऐसा नहीं है कि हर खराब कार्ड को इस तरीके से ठीक किया जा सकता है।

Kya apka phone hang hota hai to apnaye ye triks

 

क्या आप भी अपने स्मार्टफोन के हैंग होने से या फिर गर्म हो जाने से परेशान हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए फायदे की है. हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे आप अपने स्मार्टफोन को हैंग होने से या गर्म होने से बचा सकते हैं.

जानकारी के अभाव में फोन ठीक करने वाले अक्सर स्मार्टफोन यूजर को झांसे में रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन अगर आपके पास ये पांच जानकारी हो तो ना ही आपका फोन हैंग होगा, ना ही गर्म होगा और ना ही आप मोबाइल टेक्नीशियन के झांसे में आएंगे.

1. RAM को करें क्लियर

स्मार्टफोन के इस दौर में रैम की भूमिका बढ़ गई है. अक्सर यूजर फोन खरीदते समय ये बात तो जरूर पूछता है कि इसमें रैम कितनी है. लेकिन अधिकांश लोगों को ये नहीं पता होता है कि फोन में रैम की क्या भूमिका होती है.

कम्प्यूटर की तरह स्मार्टफोन की स्पीड भी रैम की क्षमता पर निर्भर करती है. रैम का काम रन टाइम में मेमोरी को स्टोर करना है, जो डिवाइस के बंद होते ही क्लियर हो जाती है.

चूंकि हमारा फोन अक्सर ऑन रहता है इसीलिए जरूरी है कि हम इसे समय-समय पर क्लियर करते रहें. इससे आपका फोन हैंग होने और गर्म होने से बच सकता है.

2. जरूरी ऐप को दें फोन में जगह

जब तक आपका स्मार्टफोन ऑन रहता है, तब तक उसका प्रोसेसर एक्टिव रहता है. बहुत सारे ऐप ऐसे है जो फोन ऑन रहने पर हमेशा चलते रहते हैं चाहे आप उन्हें यूज कर रहे हैं या नहीं.

ऐप के एक्टिव होने की वजह से इसका असर आपके स्मार्टफोन पर पड़ता है. रैम में ज्यादा ऐप्लिकेशन होने की वजह से प्रोसेसिंग स्पीड स्लो हो जाती है और आपका फोन धीरे-धीरे हैंग होने लगता है.

3. हमेशा चार्जर में ना लगाएं अपना फोन

आम इंसान की तरह फोन की बैटरी को भी भूख लगने पर ही खाने की जरूरत होती है. इसीलिए जरूरी है कि हम अपने स्मार्टफोन की बैटरी के डॉउन होने का इंतजार करें. जब तक उसकी क्षमता 10 फीसदी या उससे नीचे नहीं चली जाए तब तक आप उसे चार्ज में नहीं लगाएं.

जिस तरह से पेट भरे होने के बावजूद खाना खाने से उल्टी की नौबत आ जाती है. उसी तरह चार्ज बैटरी को चार्ज करने पर वो गर्म हो जाती है.

4. पावर सेविंग मोड फीचर का इस्तेमाल करें

आजकल हर स्मार्टफोन को ‘पावर सेविंग मोड’ फीचर से लैस किया जा रहा है, जिसका उपयोग अधिकांश लोग नहीं करते हैं.

इस मोड में जरूरी ऐप ही एक्टिव रह पाते हैं. जिस वजह से आपका फोन हैंग होने से बचता है. पावर सेविंग मोड में बैटरी की क्षमता में भी इजाफा होता है.

5. दिन में कम से कम आधे घंटे के लिए फोन को ऑफ रखें

रात को सोते समय या किसी भी समय कम से कम आधे घंटे के लिए अपने स्मार्टफोन को ऑफ कर दें, जिससे फोन के प्रोसेसर, रैम और बैटरी स्लीप मोड में चले जाएं.

इसका फायदा यह होगा कि आपके फोन की प्रोसेसिंग स्पीड कभी कम नहीं होगी और आप लंबे समय के लिए टेक्नीशियन से दूर रहेंगे

How to increase netspeed in android phon अपने फोन में नेट स्पीड कैसे बढ़ाएं जानिए हिन्दी में

                                                                         

 

आज हमारे पास अधिकांश समय या इंटरनेट का उपयोग करने की आवश्यकता है, जो कि क्षेत्र या क्षेत्र में आप काम कर रहे हैं। इंटरनेट का प्रयोग छात्र विभिन्न विषयों पर अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, व्यापार के लिए बाजार का नवीनतम विवरण प्राप्त करने और कई और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
लेकिन इनमें से अधिकांश लोग अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और 2 जी सेवाओं का उपयोग करते हैं। शुरुआत में 2 जी अच्छी गति देता है लेकिन उसके बाद यह बहुत खराब गति देता है कभी-कभी हम बुरी गति इंटरनेट का उपयोग करके चिढ़ जाते हैं
मोबाइल सिग्नल की ताकत, भीड़ और नेटवर्क आदि में कई तरह के कारण मोबाइल इंटरनेट की बुरी गति हो सकती है। मोबाइल कंपनी में से कोई भी आपको पूर्ण गति से योजना की गारंटी नहीं देगा। उपयोग के कुछ समय के बाद सभी मोबाइल इंटरनेट की गति घट जाती है।
इस लेख में आपको पता चल जाएगा कि एंड्रॉइड मोबाइल में इंटरनेट की गति को कैसे बढ़ाया जाए। एंड्रॉइड मोबाइल में अपने इंटरनेट की गति बढ़ाने के लिए अलग-अलग युक्तियां और युक्तियां दी गई रेखाओं के अंतर्गत दी गई हैं
मोबाइल में इंटरनेट की गति बढ़ाएं.

 
1. अपने एंड्रॉइड फोन का कैश साफ़ करें
अपने एंड्रॉइड फोन की कैश मेमोरी को साफ करने से आपके मोबाइल फोन में इंटरनेट की गति भी बढ़ सकती है। जब आपकी कैश मेमोरी पूरी होती है तो यह आपके एंड्रॉइड फोन को धीमा कर देती है और जो धीमे इंटरनेट की गति देता है इसलिए, आपको अपने मोबाइल के कैश को तेज गति से मोबाइल अनुभव के लिए रखना चाहिए।
2. अपने मोबाइल से बेकार क्षुधा की स्थापना रद्द करें
बहुत से बेकार ऐप्स आपके फोन की गति को धीमा कर सकते हैं और धीमी गति से इंटरनेट की गति वापस कर सकते हैं। इसलिए, आपको अपने फोन से सभी अनावश्यक ऐप्स को निकाल देना चाहिए। एंड्रॉइड से डिफॉल्ट ऐप कैसे निकालें
3. अधिकतम लोडिंग डेटा विकल्प सक्षम करें
आप अपने एंड्रॉइड फोन में यह सेटिंग नहीं देख पाएंगे कि आपके वायरलेस और नेटवर्क सेटिंग्स में आप जीपीआरएस ट्रांसफर को चुनते हैं, जिसे कॉल को पसंद करना पसंद करते हैं, लेकिन आपको इसे डाटा प्राधानिक रूप में बदलना चाहिए। इससे इंटरनेट की गति में बदलाव आएगा
4. 3 जी के लिए पसंदीदा नेटवर्क कनेक्शन चुनें
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि 3 जी नेटवर्क की गति हमेशा 2 जी से अधिक है इसलिए, मुख्य रूप से आपको अपने डेटा कनेक्शन के लिए 3 जी पैक खरीदना चाहिए और अभी तक 3 जी पैक खरीदने के बाद भी आपको इंटरनेट की गति नहीं मिल रही है, इसका मतलब है कि आप 2 जी को अपने नेटवर्क चयन के रूप में पसंद करते हैं। आप वायरलेस और नेटवर्क विकल्प से अपनी Android मोबाइल सेटिंग में 3 जी में इसे बदल सकते हैं।
5. अपने ब्राउज़र में पाठ मोड सक्षम करें
यदि आपको छवियों की आवश्यकता नहीं है और आप केवल पाठ के लिए सर्फिंग कर रहे हैं, तो आप छवियों को अक्षम करके अपने ब्राउज़र में टेक्स्ट मोड को सक्षम कर सकते हैं। यह आपके मोबाइल में इंटरनेट की गति पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अपने एंड्रॉइड फोन के क्रोम ब्राउज़र के लिए आप छवियों को अक्षम करने के लिए टेक्स्ट मोड ब्राउज़र एक्सटेंशन का उपयोग कर सकते हैं।
6. अपने एंड्रॉइड फोन के लिए एक तेजी से वेब ब्राउज़र का चयन करें
आपके एंड्रॉइड मोबाइल फोन का वेब ब्राउजर भी आपके इंटरनेट की गति को बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्ले स्टोर पर बहुत सारे मोबाइल वेब ब्राउज़र उपलब्ध हैं लेकिन आपको केवल तेज़ वेब ब्राउज़र का चयन करना चाहिए एंड्रॉइड के लिए ओपेरा मिनी, यूसी ब्राउज़र और क्रोम सहित कुछ वेब ब्राउजर बहुत तेज हैं। यदि आप अपने एंड्रॉइड फोन में इन मोबाइल ब्राउज़र का उपयोग करते हैं, तो आप पहले से कहीं ज्यादा तेज ब्राउज़िंग अनुभव महसूस करेंगे।
7. इंटरनेट की गति बढ़ाने के लिए एंड्रॉइड ऐप का उपयोग करें
आपको यह जानकर हैरान हो सकता है कि Google Play Store पर उपलब्ध विभिन्न एंड्रॉइड ऐप उपलब्ध हैं जो विशेष रूप से एंड्रॉइड फोन और टैबलेट्स में इंटरनेट की गति को बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। तो, आप उन्हें कोशिश क्यों नहीं करते? मैं आपको यह सुझाव देता हूं कि एंड्रॉइड ऐप को बढ़ाना सबसे अच्छा इंटरनेट स्पीड मिले।
मुझे लगता है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप अपने एंड्रॉइड मोबाइल में इंटरनेट की गति बढ़ाने में सक्षम होंगे।

Mobile phones ki screen off hone par bhi dekh sakenge time or notification.

स्क्रीन ऑफ होने पर भी फोन में देख सकेंगे टाइम और नोटिफिकेशन

नई दिल्ली (26 मार्च): समय और नोटिफिकेशन देखने के लिए अक्सर लोगों को फोन के स्क्रीन को ऑन करना पड़ता है। लेकिन अब आप इस इस झंझट से बच सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके फोन की स्क्रीन बंद होने पर फोन में टाइम और नोटिफिकेशन दिखता रहें तो ये संभव है।

इसके लिए आपको गूगल प्लेस्टोर से Glance Plus एप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आप फोन स्क्रीन बंद होने पर अपने मोबाइल पर समय और नोटिफिकेशन आसानी से देख सकेंगे। ग्लांस प्लस एप इंस्टॉल करने के बाद फोन को जैसे ही जेब से बाहर निकालेंगे तो उसकी स्क्रीन खुद-ब-खुद ऑन हो जाएगी जिसमें समय और नोटिफिकेशन देखे जा सकते हैं। इस एप को गूगल प्लेस्टोर पर 4.1 रेटिंग दी गई है। अभी तक 5 लाख से अधिक लोग इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं।