Features of net.ji hai bina internet ke chla sakenge Facebook,whatsapp,google

Internet Via Mobile Network

जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना, बिना इंटरनेट पैक के वॉट्सऐप, फेसबुक। ये खबर मोबाइल पर इंटरनेट यूज करने वालों को जरुर चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन ये सच है। भारत में भोपाल के एक डॉक्टर और इंजीनियर ने मिलकर बिना इंटरनेट के मोबाइल डेटा कम्यूनिकेशन की नई टेक्नोलॉजी बनाई है, आइए जानते है इस नई टेक्नोलॉजी के बारे मे..

इस नई टेक्नोलॉजी को डेटा कम्यूनिकेशलन ओवर रेडियो वॉइस सिग्नल्स (DCORVS) नाम दिया गया है। ये टेक्नोलॉजी ब्लूटूथ, वाई-फाई की तरह ही काम करती है , लेकिन इसके लिए इंटरनेट पैक होना जरूरी नहीं होगा। इसे एक साधारण एक्टिव सिम और स्मार्टफोन पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यानि आपका मोबाइल फोन नेटवर्क जैसे आईडिया, एयरटेल आदि, जिस पर हम केवल बात करते हों वहां यह तकनीक काम करेगी।

इस टेक्नोलॉजी को डेवलप करने वाली टीम का दावा है कि पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक से डेवलप की गई 2G नेटवर्क पर काम करने वाली सर्विस है। इसको बनाने वाली टीम ने इसके पेटटें के लिए एप्लीकेशन फाइल कर दी है। 

एक्सपर्ट्स ने भी इस रिसर्च के बारे में बताया कि कैसे यह फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा आपको बता दे की इस तकनीक को शासकीय होम्योपैथी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निशांत नंबीशन और इंजीनियर अखिलेश सोनी ने करीब 2 साल की मेहनत के बाद सफलता पूर्वक बनाया है। इसकी सबसे खास बात यही है की इसमें इंटरनेट के बिना डेटा कम्यूनिकेशन किया जा सकता है। 2G के अलावा 3G, 4G या अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर इस सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है।

क्या होगी इसकी खासियत

यह सिस्टम न केवल गूगल, ट्विटर, फेसबुक, पेटीएम जैसे अन्य ऐप्स को चलाने में सक्षम है, बल्कि रूरल बैंकिंग, कृषि, मौसम, शासकीय योजनाओं की सूचना पहुंचाने में उपयोगी साबित होगा। 

इस टेक्नोलॉजी की खासियत ये है इसमें इनकमिंग इंटनेट फ्री मिलेगा। क्योंकि भारत में इनकमिंग कॉल फ्री है। बिना इंटरनेट के भी सभी सूचनाएं नोटिफीकेशन से मिलती रहेंगी। जैसे कि किसानों को मौसम संबंधी सूचना या तत्काल किसी जरूरी सूचना पहुंचाना हो।

कैसे करेगा काम?..

इसके लिए जरुरी TIEYUP ऐप को किसी कंप्यूटर से सीधे मोबाइल में लोड किया जा सकता है। इसके बाद अलग-अलग तरह की फाइल्स जैसे- रार फाइल, रिच टैक्स्ट फाइल, इमेज या अन्य कोई डेटा को मोबाइल नेटवर्क के जरिये ट्रांसफर किया जा सकेगा।

कैसे आया आइडिया?..

दरअसल डॉ. नंबीशन को एक मरीज की जांच की रिपोर्ट देखनी थी। लेकिन जहां से रिपोर्ट भेजी जानी थी वहां इंटरनेट या ब्रॉडबैंड की सुविधा नहीं थी। इसके अलावा डॉ. नंबीशन पूर्व में डिजिटल स्टेथोस्कोप भी बनाया था जो बिना इंटरनेट एम्स में टेलीमेडिसीन हार्ट साउंड नहीं पहुंचा पा रहा था। उसी समय उनको आईडिया आया कि रेडियो सिग्नल के जरिए जब फोन पर बात हो सकती है तो डेटा ट्रांसफर क्यों नहीं हो सकता।

एक्सपर्ट विचार-  

निलय खरे, जो की मैनिट भोपाल में एसोसिएट प्रोफेसर है का कहना है की यह 2G प्लेटफॉर्म के बेहतर इस्तेमाल की तकनीक है। फोन पर बात करते वक्त वॉइस कटने जैसी समस्या होने पर हम शब्दों को समझ लेते हैं, किसी और फाइल फॉर्मेट में यह एरर फ्री होना चाहिए। यह एरर कम करने वाली तकनीक है। पार्टिकल स्वाम ऑप्टिमाइजेशन के जरिए यह संभव है। 

इसके अलावा किरण समुद्रालु जो अमेजॉन बेंगलूर में सीनियर टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर है का कहना है की मोबाइल वॉइस चैनल में डेटा-कम्यूनिकेट करना आसान नहीं होता है। लेकिन अब यह तकनीक डेवलप कर ली गई है तो यह रूरल ई-कॉमर्स में बड़ी क्रांति साबित होगी। 

Advertisements

हेलो दोस्तों! मेरा नाम भेरू सिंह है मेरे बारे में क्या बताऊँ छोटा मुह बड़ी बात is website par apko blogging,seo,adsense,android tricks and tips facebook triks milegi pasand aye to age bhi share karna

Tagged with:
Posted in ANDROID TIPS AND TRICKS (hindi me)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

In Archive
%d bloggers like this: