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याचक ने कहा – हे यांत्रिक ज्ञान शिरोमणि जुकराचार्य एवम् फेसबुक के अन्य शिल्पकारों ।

एक चिंतनीय विषय आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ । इस पावन जम्बूद्वीप में अलौकिक और रमणीय आभासी संसार फेसबुक , जीवों के लिए सागर मंथन से निकले अमृत के समान अद्वितीय है । इसके सृजन के लिए आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं । यहाँ , समय व्यतीत होने के साथ ऋषियों समान टंकणकारों की एक विशेष बौद्धिक प्रजाति विकसित हुई है । जो टंकण में अत्यंत कुशल है । अपने विचारों को मोबाइल टंकण के माध्यम से वे इस संसार के ज्ञान पिपासु विद्यार्थियों के लिए वैचारिक सामग्री का अथाह स्त्रोत उपलब्ध करवाते हैं । परंतु अब , एक अत्यंत विकट समस्या फेसबुक पर उत्पन्न हुई है । इन लेखकों के समानांतर ही पोस्ट परजीवी नामक जीवों की संख्या अत्यधिक तीव्र गति से बढ़ रही है । इनके द्वारा किसी की वाल से पोस्ट चूस कर अन्य स्थान पर अपने नाम से स्थानांतरित व् अंकित करने की गतिविधियाँ बहुत बढ़ चुकी हैं । दुराचारी परजीवी केवल मात्र दूसरों की पोस्ट चूस-चूस के ख्याति प्राप्त कर लेते हैं । धर्मात्मा लेखक , टंकणकार और कलाकार त्राहि-त्राहि कर रहे हैं तथा ये पोस्ट परजीवी बड़े-बड़े ग्रुप और पेजों के एडमिन बन इस संसार में नाना प्रकार से सुख भोग रहे हैं ।
अब तो केवल आप ही इस दुःख का निवारण कर सकते है मुनिवर । आपसे प्रार्थना है कि इन लोलुप , दुराचारी व् मायावी पोस्ट परजीवी असुरों के लिए किसी प्रकार का मानहनन यज्ञ करवाया जाए जिसमे इनके चरित्र शील को नष्ट किया जा सके तथा एक निपुण वैद्यराज द्वारा इनपर विषाक्त पोस्ट परजीवी प्रताड़ना रसायन का छिड़काव किया जाए ।
अत्युत्तम होगा यदि लाइक इत्यादि अन्य बटनों के साथ ‘चोरी की पोस्ट’ नामक एक महा जलीलाकारी बटन की भी व्यवस्था की जाए ।
याचक – एक सूक्ष्ण टंकण कर्ता ।
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